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3-BHK फ़्लैट ख़रीदने से पहले क्या देखें और किन बातों का ख़्याल रखें?

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“अच्छी नौकरी है, ठीक-ठाक सैलरी है, लेकिन अब भी किराए के घर में रहते हैं”? ना जाने कितने लोगों को ये बात चुभती है। लेकिन जब सचमुच घर ख़रीदने की बात आती है, तो आप और हम सोच में पड़ जाते हैं। कई तरह के सवाल मन में आने लगते हैं और फिर एक अजीब सा डर हमें जकड़ लेता है, कि हमारा अंतिम फ़ैसला सही होगा या नहीं। क्योंकि घर ख़रीदने का फ़ैसला ज़िंदगी के सबसे अहम फ़ैसलों में एक होता है और जब बात 3-BHK फ़्लैट जैसे बड़े निवेश की हो तो इसमें सालों की सेविंग दाँव पर लगी होती है। हालांकि बहुत कुछ शहर-शहर पर भी निर्भर करता है। बड़े शहरों में ये राह ज़्यादा मुश्किल होती है, जिसके मुक़ाबले छोटे शहरों, जैसे लखनऊ में 3-BHK फ़्लैट लेना आसान माना जाता है।

तो अब आपको बताते हैं कि एक 3-BHK फ़्लैट ख़रीदने से पहले आप किन बातों का ध्यान रखें:

क़ीमत:

सबसे पहले आपको अपना बजट तय करना होगा। इससे फ़्लैट चुनने की प्रक्रिया  आसान हो जाती है। आपके सामने ढेर सारे विकल्प होंगे, लेकिन अगर आप लखनऊ में 3-BHK फ़्लैट ढूँढ रहे हैं, तो गोमतीनगर एक्सटेंशन में बने ‘ओमैक्स’ टावर से बेहतर और कुछ नहीं, जो कस्टमर-फ्रेंडली पॉलिसी अपनाकर अपने ख़रीदार की पॉकेट का ध्यान रखते हुए ही अच्छी डील ऑफ़र करते हैं।

फ़्लैट की विशेषताएं/ स्पेसिफ़िकेशन:

वो दिन गए जब लोग रहने के लिए सिर्फ़ एक छत ढूँढते थे। आज नया ज़माना है, भागदौड़ भरी ज़िंदगी में आज के युवक को ‘सिर्फ़’ छत नहीं चाहिए, बल्कि चंद पल चैन से बिताने के लिए एक आरामदायक घर चाहिए, जिसमें वो महफ़ूज़ भी महसूस कर सके। आलीशान कमरे, ख़ूबसूरत, चमचमाते, मॉडर्न  किचन और बाथरूम के साथ बेहतरीन ख़िड़की, दरवाज़े, फ़िटिंग्स और हर सुविधा से लैस अपना घर, जिसमें ख़ूबसूरती के साथ भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा को झेलने की शक्ति हो। और लखनऊ में ओमैक्स के 3-BHK फ़्लैट में ये सारी विशेषताएं और फ़ीचर मिलेंगे।

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फ़्लैट काकारपेट एरिया’:

3-BHK फ़्लैट, यानी 3 बेडरूम, एक हॉल और एक किचन के साथ हर बेसिक सुविधा। लेकिन ये 3-BHK फ़्लैट कितना बड़ा है, कितने एरिया में बना है, ये अपने आप में एक बड़ा सवाल होता है। उसका सही अंदाज़ा फ़्लैट के ‘कारपेट एरिया’ से पता चलता है। ‘कारपेट एरिया’ प्रॉपर्टी की भाषा का ‘टेक्निकल टर्म’ है, जिसके बारे में अक्सर ख़रीदार नहीं जानता। ये फ़्लैट के ‘बिल्ट-अप’ एरिया से कम होता है। दीवारों के साथ तैयार फ़्लैट के एरिया को ‘बिल्ट अप’ एरिया कहते हैं, और दीवारों की चौड़ाई हटाकर बचा हुआ एरिया फ़्लैट का कारपेट एरिया कहलाता है। कई बिल्डर, ख़रीदारों को यह साफ़-साफ़ नहीं बता पाते, लेकिन ओमैक्स के लिए अपने बायर का भरोसा सबसे ऊपर है और इस मामले में वो अपने ख़रीदार को एकदम सही तस्वीर बताता है।

बिल्डर का रिकॉर्ड:

जैसा कि आप जानते हैं कि 3-BHK फ़्लैट एक बड़ा निवेश होता है। आजकल रियल एस्टेट सेक्टर में कई बार  खरीदार मन-मुताबिक़ डील नहीं ढून्ढ पाते। आपने अखबारों में रियल एस्टेट से जुड़ी शिकायतों से भरी ख़बरें देखी होंगी। कुछ बिल्डर्स द्वारा वक़्त पर फ़्लैट ना दिए जाने पर ख़रीदारों का बिल्डर्स पर से भरोसा कम हुआ। हमें चाहिए कि हम किस बिल्डर से अपना फ़्लैट ख़रीद रहे हैं इसका फ़ैसला समझ कर करें। ओमैक्स ने अपने ख़रीदारों को निराश नहीं किया। इसलिए बड़े शहरों के साथ लखनऊ में भी 3-BHK फ़्लैट के मामले में ओमैक्स पर आप भरोसा कर सकते हैं।

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